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मंगलवार, 1 सितंबर 2009

आपकी कॉफी के प्याले में क्या है?

मथुरा 26 अगस्त 09 आज पता लगा कि हम जो कॉफी पीते हैं बहुत चाव से, उसमें एक बडी मात्रा एक चिकोरी नामक जड़ की होती है. कॉफी के नाम पर कुछ अजीब सी चीज.
आज एक सज्जन से भेंट हुयी जो अपने खेत में चिकोरी उगाते हैं, बड़ी बड़ी कॉफी निर्माता कम्पनियों के लिये.

चिकोरी एक एक जंगली बारहमासी जड़ीबूटी है जो यूरोप में सडक के किनारे पर एक जंगली पौधे के रूप में होती थी और बाद में इसकी खेती की जाने लगी. इस पौधे की जड़ लंबी और मोटी होती हैं, पतली पतली मूली जैसी. इस पर बहुत सुंदर बैंजनी रंग के फूल आते हैं जो प्रति दिन ठीक एक समय पर खिलते और बंद होते हैं. पत्ते भी लगभग मूली जैसे होते हैं. नयी पत्तियों को सलाद में इस्तेमाल किया जा सकता है और जड़ को उबला कर सब्जी की तरह खाया जा सकता है.

पर इसकी जड़ कॉफी कैसे बन जाती है ? इन जडों को पहले गोल गो काट कर सुखाया जाता है. सूखने पर इन्हें भूना जाता है और फिर पीसा जाता है. और कॉफी तैयार.

बताते हैं कि पूर्व में जब कभी कॉफी अनुपलब्ध हुयी या महंगी हो गयी तो लोगों ने चिकोरी को एक विकल्प के रूप प्रयोग किया. कहते हैं कि इसमें कैफीन नहीं होती और यह कॉफी से अधिक कसैला स्वाद पैदा करती है.

विकल्प तक तो ठीक पर कई उत्पादक आपकी कॉफी में 30% तक चिकोरी मिला देते हैं. हमने सोचा कि ये तो धोखा हुआ पर घर आकर कॉफी के डिब्बे का लेबल देखा तो पाया कि उसमें 30% चिकोरी है. पर ये उत्पादक यह बात प्रचारित नहीं करते और कॉफी के दाम में चिकोरी पिला देते हैं.